Panchatantra' is the most important contribution of Indian literature to world literature. The popularity of Panchtantra can be gauged from the fact that it has been translated into most languages of the world. The short stories of 'Panchatantra' written by Vishnu Sharma teach politics and behaviour ethics. These stories written in simple language give such a deep message in the end that the reader remembers it for a long time.
पुस्तक के कहानियों के नामप्रथम भाग : 1. अनाधिकार चेष्टा, 2. ढोल की पोल, 3. अक्ल बड़ी या भैंस, 4. बगुला भगत, 5. सबसे बड़ा बल : बुद्धी, 6. कुसंग का फल, 7. रंगा सियार, 8. फूंक-फूंक कर पग धरो, 9. घड़े-पत्थर का न्याय, 10. हितैषी की सीख मानो, 11. दूरदर्शी बनो, 12. एक और एक ग्यारह, 13. कुटिल नीति का रहस्य, 14. सीख न दीजे बानरा, 15. शिक्षा का पात्र, 16. मित्र-द्रोह का फल, 17. करने से पहले सोचो, 18. जैसे को तैसा, 19. मूर्ख मित्र द्वितीय भाग : 1. धन सब क्लेशों की जड़ है, 2. बिना कारण कार्य नहीं, 3. अति लोभ नाश का मूल, 4. भाग्यहीन नर पावत नाहीं, 5. उड़ते के पीछे भागना तृतीय भाग : 1. उल्लू का अभिषेक, 2. बड़े नाम की महिमा, 3. बिल्ली का न्याय, 4. धूर्तों के हथकण्डे, 5. बहुतों से वैर न करो, 6. टूटी प्रीति जुड़े न दूजी बार, 7. शरणागत को दुतकारो नहीं, 8. शरणागत के लिए आत्मोत्सर्ग 9. शत्रु का शत्रु मित्र, 10. घर का भेदी, 11. चुहिया का स्वयंवर, 12. मूर्ख मण्डली, 13. बोलने वाली गुफा, 14. स्वार्थ सिद्धि परम लक्ष्य चतुर्थ भाग : 1. मेढक-साँप की मित्रता, 2. आज़माए को आज़माना, 3. समय का राग कुसमय की टर्र, 4. गीदड़ गीदड़ ही रहता है, 5. स्त्री का विश्वास, 6. स्त्री-भक्त राजा, 7. वाचाल गधा, 8. न घर का न घाट का, 9. घमण्ड का सिर नीचा, 10. राजनीतिज्ञ गीदड़, 11. कुत्ते का वैरी कुत्ता पंचम भाग : 1. बिना विचारे जो करे, 2. लालच बुरी बला, 3. वैज्ञानिक मूर्ख, 4. चार मूर्ख पण्डित, 5. एकबुद्धि की कथा 6. संगीत विशारद गधा, 7. मित्र की शिक्षा मानो, 8. शेखचिल्ली न बनो, 9. लोभ बुद्धि पर पर्दा डाल देता है, 10. भय का भूत, 11. जिज्ञासु बनो, 12. मिलकर काम करो, 13. मार्ग का साथी
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